
MP News : आखिर कौन बनेंगा भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष, क्या जातिगत तरीके से चुना जाएंगा अध्यक्ष, देखे न्यूज़
MP News : आखिर कौन बनेंगा भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष, क्या जातिगत तरीके से चुना जाएंगा अध्यक्ष, देखे न्यूज़ बोर्ड मध्यप्रदेश में बीजेपी ने साल 2003 के विधानसभा चुनाव में 10 सालों की कांग्रेस सरकार को हटाकर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी. तब जिस फॉर्मूले पर भारतीय जनता पार्टी ने काम किया, उसने बीजेपी को मध्यप्रदेश में बेहद मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया।
प्रदेश अध्यक्ष का चयन होना बाकि
आपकी जानकारी के लिए बता दे की मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नविन प्रदेश अध्यक्ष का चयन होना बाकि है. जिसके लिए प्रक्रिया तो जारी है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल लगातार हो रही देरी से उठ रहा है. क्योंकि काफी मशक्कत के बाद बीजेपी ने जिला अध्यक्षों की घोषणा तो कर दी लेकिन प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में देरी क्यों हो रही है. हालांकि, बीजेपी का कहना है कि फिलहाल पार्टी की प्राथमिकता दिल्ली विधानसभा चुनाव है जैसे की अब दिल्ली चुनाव हो ही गया है अब देखना होंगा की भाजपा अपना अध्यक्ष कब मनोनीत करती है।
ये भी पढ़िए- कौड़िओ के भाव में आज ही घर लाये यह कंटाप Maruti Suzuki Baleno, दमदार इंजन के साथ मिलेंगे धांसू फीचर्स
पुराने फॉर्मूले पर करेंगी कार्य
बता दे की मध्यप्रदेश में बीजेपी ने साल 2003 के विधानसभा चुनाव में 10 सालों की कांग्रेस सरकार को हटाकर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी. तब जिस फॉर्मूले पर भारतीय जनता पार्टी ने काम किया, उसने बीजेपी को मध्यप्रदेश में बेहद मजबूत स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया. यह फॉर्मूला था ओबीसी मुख्यमंत्री और सवर्ण प्रदेश अध्यक्ष का. 2003 में उमा भारती को मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया था जो ओबीसी वर्ग से आती हैं. उमा भारती के बाद बाबूलाल गौर, शिवराज सिंह चौहान और अब मोहन यादव एमपी के मुख्यमंत्री बने और यह चारों ओबीसी वर्ग से आते है।
ये भी पढ़िए- रेलवे भर्ती बोर्ड में निकली है 1000 से अधिक पदों पर भर्ती, आवेदन करने की तिथि में बदलाव, देखे पूरी न्यूज़
संगठन से जुड़े लोगो से मिले सूत्र
आपकी जानकारी के लिए बता दे की मध्यप्रदेश बीजेपी के संगठन से जुड़े सूत्रों की मानें को दिल्ली आलाकमान ने कुछ बातें पहले से ही साफ कर दी हैं, जिनके आधार पर ही अगले प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होगा. इसके लिए सीएम मोहन यादव की पसंद का भी ध्यान रखा जाएगा, क्योंकि सत्ता और सरकार के बीच तालमेल बनाए रखना सबसे अहम कड़ी होगी